सुबह बड़ी खूबसूरत होती है
मेरे उत्तराखंड की ,
यहाँ शहरों की तरह
नहीं होता गाड़ियों का शोर.
सुबह पंछियों की चहचाहट
और ठंडी कोमल हवा.
पहाड़ों के पीछे से
निकलता है बड़ी ख़ूबसूरती से
मुस्कुराता हुआ
सूरज।
रजाई से निकल कर
मैं भी बैठ जाता हूँ
बातें करने इन हवाओं, इन पंछियो से
एक चाय के बड़े से गिलास के साथ.
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