photo source- facebook/kamal joshi
कांधों में कैमरा लटकाये,
कहीं भी निकल जाना।
दर्द सीने में लेकर
फिर भी मुस्कुराना।
सहज तो नहीं होता
लेकिन
वो ऐंसे ही थे.
किसी को जानने के लिए
जरुरी नहीं होता,
एक लम्बा यादों और बातों का कारवाँ
बस काफी होती है
एक छोटी मुलाकात।
उत्तराखंड को इतनी खूबूसरती से
जिसने देखा
और लोगो को दिखाया।
वो शख्स कोई और नहीं हो सकता
सिर्फ आपके सिवा।

No comments:
Post a Comment